भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता किसी भी अन्य खेल की तुलना में काफी ज्यादा है। यही वजह है कि टीम इंडिया में कभी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं रही है। इन तमाम खिलाड़ियों में से कुछ को मौके मिलते हैं, तो कुछ गुमनामी के साए में छिप जाते हैं। साथ ही टीम इंडिया (Team India) में दशकों से चली आ रही है दिल्ली-मुंबई की राजनीति ने कई खिलाड़ियों का करियर बर्बाद कर दिया। ऐसे ही एक टैलेंटेड खिलाड़ी थे पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा। बाए हाथ के इस ऑफ स्पिनर को टीम तत्कालीन टीम मैनेजमेंट ने महज 27 वर्ष की उम्र में संन्यास लेने पर मजबूर कर दिया था।

महज 27 की उम्र में करियर हो गया खत्म

दुनिया में अगर किसी देश में क्रिकेट सबसे ज्यादा देखी व खेली जाती है तो वो है भारत। यहां के बच्चे के मन में बड़े होकर क्रिकेटर बनने का सपना होता है। जिन बच्चों की किस्मत अच्छी होती है वो आगे चलकर देश के लिए खेलने में कामयाब रहते हैं। भारत में एक से बढ़कर एक बेहतरीन क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने पूरी दुनिया में देश का परचम लहराया। सचिन तेंदुलकर इसका जीता जागता उदाहरण हैं जिन्हें बाद में चलकर क्रिकेट का भगवान भी कहा गया। हालांकि इसका दुष्परिणाम ये होता है कि कई खिलाड़ी क्रिकेट के चक्कर में दाने-दाने के भी मोहताज हो जाते हैं। उन्हीं में से एक क्रिकेटर रहे प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) जिनका करियर महज 27 साल की उम्र में ही खत्म हो गया।

टीम मैनेजमेंट की राजनीति के हुए थे शिकार

पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा टीम इंडिया (Team India) के उन होनहार खिलाड़ियों में से थे जिनकी प्रशंसा विदेशों में भी होती थी। उनकी सटीक व नपी तुली गेंदबाजी की सराहनी काफी बार कई दिग्गज खिलाड़ियों ने की। हालांकि उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका। दरअसल उन्हें टीम मैनेजमेंट में होने वाली दिल्ली-मुंबई की राजनीति के चलते दरकिनार कर दिया गया। बार-बार नजरअंदाज होने से तंग आकर ओझा ने महज 27 की उम्र में ही अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। बता दें कि जिस टेस्ट मैच के बाद उन्हें ड्रॉप किया गया था उसमें उन्होंने कुल 10 विकेट चटकाए थे।

कुछ ऐसा रहा है प्रज्ञान ओझा का क्रिकेट करियर

प्रज्ञान ओझा का करियर भले ही छोटा रहा है मगर उन्होंने कम समय में ही टीम इंडिया (Team India) के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उनके क्रिकेट करियर पर नजर डालें तो उन्होंने महज 24 टेस्ट में 113 विकेट चटकाए। इसमें उनका औसत करीब 30 का रहा। प्रज्ञान ओझा ने 7 बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इसके अलावा बाएं हाथ के इस स्पिनर ने 18 वनडे में भी टीम इंडिया (Team India) का प्रतिनिधित्व किया जिसमें उनके नाम 21 विकेट हैं। इसके अलावा 6 टी20 में प्रज्ञान ओझा ने 10 विकेट हासिल किए। टीम इंडिया में उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।

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