सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने जब 16 साल की उम्र में अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया होगा, तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि ये छोटा सा बालक आगे चलकर क्रिकेट का भगवान कहलाएगा। दुनिया के महानतम क्रिकेटर ने क्रिकेट के खेल को नए सिरे से परिभाषित किया। महाराष्ट्र में जन्मे इस खिलाड़ी के नाम न जाने कितने ही रिकॉर्ड दर्ज हैं। आज तारीख है 14 अगस्त, और आज ही के दिन साल 1990 में सचिन ने अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा था। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत को एक शर्मनाक हार से भी बचाया था।

महज 17 साल की उम्र में जड़ा था पहला टेस्ट शतक

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की लगन और उनकी मेहनत ही उन्हें इस मुकाम तक लेके आई। 14 अगस्त 1990 को इस छोटे से कद के बालक ने महज 17 साल और 112 दिन की छोटी सी उम्र में अपना पहला सैंकड़ा बनाया था। दरअसल यह कारनामा उन्होंने भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रेफर्ड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान किया था। इस मैच के दौरान उन्होंने 119 रनों की लाजवाब पारी खेली थी। इसी के साथ इस दिन सचिन (Sachin Tendulkar) के 100 शतकों के सफर की भी शुरुआत हो गई थी।

भारत को एक शर्मनाक हार से बचाया था

भारत और इंग्लैंड के बीच साल 1990 में दूसरा टेस्ट खेला जा रहा था। टीम इंडिया दूसरी पारी में इंग्लैंड द्वारा मिले 408 रनों का पीछा कर रही थी। हालांकि वह महज 183 रनों पर 6 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। मगर 17 साल का एक जांबाज जिसका नाम सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) था वह क्रीज पर जमे हुए थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने हार नहीं मानी और इंग्लैंड की खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण के सामने भी घबराए नहीं। उन्होंने प्रभाकर के साथ करीब 2.5 घंटे तक बल्लेबाजी की और भारत को हार से बचाया था।

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